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रक्षा बंधन पर्व हिन्दू धर्म की एक पवित्र परंपरा 2020

रक्षा बंधन यानी भाई बहन के रिश्ते की मजबूत डोर,हर बहन इस दिन की आतुरता से इंतजार करती है, बहन अपने भाई की अक्षत,कुमकुम और फूलो से पूजा करती है फिर आरती उतारकर भाई के हाथ में रक्षा सूत्र यानी रंगबेरंगी राखी बांधती है, भाईका मुँह मीठा करवाती है और अपने भाई रक्षा के लिए ईश्वर से प्राथना करती है, भाई अपनी लाड़ली बहन को उपहार देता है, जिन किसी की सगी बहन नहीं वह चचेरी-मौसेरी या मुँह बोली बहन से भी राखी बंधवाते है, वाकही राखी बाँधने के बाद हर भाई का आत्मविश्वास बढ़ता है, feeling positive महसूस करता है, क्यूंकि रक्षा बंधन पर्व हिन्दू धर्म की एक पवित्र परंपरा 2020
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रक्षा बंधन पर्व हिन्दू धर्म की एक पवित्र परंपरा 2020-रक्षा बंधन कथा भविष्य पुराण के अनुसार 


 भविष्य पुराण में लिखा है देवताओं और असुरों के बिच लगातार 12 साल तक युद्ध चलता रहा, असुरों ने देवताओं पर विजय प्राप्त कर देवराज इंद्र के सिंहासन सहित तीनों लोकों को जीत लिया, इसके बाद गुरु बृहस्पति ने श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा विधान संस्कार आरंभ किया,इस रक्षा विधान के दौरान मंत्रोच्चारण से रक्षा पोटली को मजबूत किया गया,इस पोटली को देवराज इंद्र की पत्नी इंद्राणी ने इस रक्षा पोटली के देवराज इंद्र के दाहिने हाथ पर बांधा, इसकी ताकत से ही देवराज इंद्र असुरों को हराने और अपना खोया राज्य वापस पाने में कामयाब हुए,

दूसरी कथा के अनुसार 


 शिशुपाल वध के समय भगवान कृष्ण की उंगली कट गई तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का आंचल फाड़कर कृष्ण की उंगली पर बांध दिया, इस दिन सावन पूर्णिमा की तिथि थी,
भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को वह आंचल के एक-एक सूत का कर्ज उतरेंगे ऐसा वचन दिया था, दुर्योधन  के द्वारा द्रौपदी के चिरहरण के समय भगवान श्रीकृष्ण ने इसी वचन को निभाया 

भगवन विष्णु एवं  बाली राजा


भगवन विष्णु बाली राजा को दिए वरदान को वरदान देकर उनकी चौकीदारी करने 
 में बंधक बन गए, लक्ष्मीजी ने रूप बदल कर बाली के राज्य में आश्रय मांगा,भगवान बाली उन्हें आश्रय दिया, श्रावण पूर्णिमा पर, देवी लक्ष्मी ने भगवान बाली की सुरक्षा के लिए उनकी कलाई पर एक पवित्र धागा बांध दिया, तब भगवान बाली ने लक्ष्मीजी को अपना पसंदीदा उपहार मांगने कहा तो उन्होंने चौकीदार की ओर इशारा किया, तब भगवान विष्णु ने उनकी पहचान प्रकट करी, बाली ने भगवान विष्णु को वचन से मुक्त किया, मगर बाली की भक्ति को जानकर, भगवान विष्णु ने उसके के राज्य में हर साल के 4 महीने बिताने का वादा किया,
कुछ सतक पहले की बात करे तो राजपूत रानी कर्मावती ने अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगल शासक हुमायूं को राखी भेजी थी, रानी कर्मावती के राज्य पर जब शत्रु ने हमला करा तब हुमायूं ने राजपूत रानी को बहन मानकर राखी की लाज रखी और  राज्य को शत्रु से बचाया,


2020 Raksha Bandhan 


 हिन्दू धार्मिक ग्रंथो की इन कथाओ के अनुसार आज भी हर श्रावण पूर्णिमा के दिन इस परंपरा को हर्षोल्लास के साथ निभाया जा रहा है ,२०२० के इस साल में ३ अगस्त सोमवार श्रवण पूर्णिमा के दिन रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा, याद रहे कोरोना महामारी के चलते अगर मार्किट नहीं खुलती तब ऐसे समय में कोई बहन परेशान बिलकुल ना हो,अगर घर के अंदर  पूजा घर में रखी  मौली भी अपने भाई की कलाई पर बाँध सकते है,



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