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सूरत लेडी सिंगम पुलिस के मामले में कितनी सत्यता

गुजरात के सूरत शहर विडियो वाइरल होता है जिसमे एक लेडी पुलिस और गुजरात सरकार के मंत्री किशोर केनानी का लड़का खड़ा है अपने दोस्तों को पुलिस से  रिहा करवाने आता है रात के समय, दोस्तों ने रात को कर्फ्यू को तोड़ा है और बड़ी गलती मास्क नहीं पहना था, पुलिस उन्हें पकड़ा तो MLA  का बेटा रात को ही आता है अपने पिता की कार लेकर जिसमे एक प्लेट पर मंत्री श्री का नाम भी लिखा हुआ था, बिना मंत्री के उनके नाम वाली कार लेकर निकलना गुनाह है, और लेडी पुलिस ने उस मंत्री के बेटे की अच्छी क्लास भी लगाईं वह अच्छी बात भी है, होना भी चाहिए, क्यूंकि कानून सभी के लिए एक है, गलती करेंगा सजा मिलेंगी चाहे कोई प्रधानमंत्री का बेटा भी क्यों ना हो, और यह शब्द भी वीडियो में सुनाई पड़ते है जो लेडी पुलिस के मुँह से निकले थे, 

मंत्री को यह नहीं बोलना चाहिए 

मंत्री को यह नहीं बोलना चाहिए था की मेरा बेटा मेरे  नाम की  प्लेट लगाते हुए गाडी लेकर गुम सकता है ,
उसके लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें डांट भी लगाई,हालांकि मंत्री  पुलिस को बेटे को रिहा करने नहीं बल्कि क़ानूनी कार्यवाही करने जरूर कहा और वह वीडियो में सुनाई भी पड़ता है,  
रातको जो वीडियो वायरल हुआ पाटीदार ग्रुप के जरिये जो आरक्षण आंदोलन के दौरान भी सरकार के खिलाफ अनेक जाली वीडियो और इमेज पोस्ट करता रहा है,दुसरा एक फेसबुक ग्रुप सूरत से है जो बीजेपी सरकार की घोर विरोधी है और उसमे शांति दूत प्रजा भी ज्यादा मात्रा में है तो वह बीजेपी सरकार के खिलाफ होंगी वह साफ़ है,
 इन दो ग्रुप के जरिये रात को 10 बजे के बाद वीडियो और पोस्ट रिलीज़ हो जाता है फेसबुक पर, और वह वीडियो भी एडिटेड है,बीप के साथ, लेडी पुलिस को तुरंत हीरो बना दिया और सरकार को विलेन,लेडी पुलिस इस्तीफा दे दिया,जबकि गलती  मंत्री की नहीं बेटे की थी,

यहाँ सोचने पर मजबूर होना पड़ता है 

जो वीडियो रात  को ही एडिटिंग के साथ वायरल हुआ उसे देखकर लगता था की लेडी पुलिस की कोई गलती नहीं,सिर्फ लड़को की गलती है,
मगर वीडियो का दूसरा हिस्सा आज सामने आता है उसे देख कर हीरो बानी लेडी पुलिस ज़ीरो लेवल के शब्द प्रयोग करती नज़र आ रही है,लिंक साथ  जोड़ा जा रहा है 

बच्चा साथमे हो तो वीडियो इयरफोन के जरिये सुने 

क्या गलत क्या सही 

यह वीडियो देख कर कह सकते है की लेडी पुलिस की  भाषा सही है ?
क्या कानून में इसतरह गालिया देना लिखा है ?
वीडियो मामले के तुरंत बाद एडिट होकर वायरल कैसे हुआ ?
विडिओ किसने बनाया था और रातको आधा वीडियो ही क्यों रिलीज करा ?
क्या यह कोई पोलिटिकल साजिश थी ?
( क्यूंकि कल एक ऐसा ही व्यक्ति कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बने है जो ऐसे फेसबुक ग्रुप से जुड़े है जिसने रातको ही वीडियो वायरल करते हुए नेता को कटघरे में खड़े कर दिए )
अभी भी कहते है की नेता का लड़का और उनके दोस्तों पर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए वह हुई अच्छी बात 
मगर यह जानना भी जरुरी है की यह कोई गंदी राजनीति  हिस्सा तो नहीं ???
मामले की जांच के बाद पता चलेगा क्या सच क्या गलत 

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