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अयोध्या-राम जन्म से बाबरी मस्जिद कब और किसने बनाई इतिहास


कई  सालो से हर हिंदुस्तानी सपना देख रहा था की भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बने, कितनी पीढ़िया चली गयी इन्तजार में और आखिर सनातन हिन्दुस्तानियों का वह सपना पूर्ण होने जा रहा है, ऐसे में आजकी पीढ़ी को अपने आराध्य श्री राम की अयोद्धया का इतिहास जानने की उत्सुकता अवश्य होंगी, अयोध्या-राम जन्म से बाबरी मस्जिद कब और किसने बनाई इतिहास को जानते है...


ram mandir

अयोध्या-राम जन्म से बाबरी मस्जिद कब और किसने बनाई इतिहास ?- जानते है अथर्ववेद एवं स्कंदपुराण के अनुसार अयोध्या     

 सरयू नदी के तट पर बसे इस नगर की रामायण अनुसार विवस्वान (सूर्य) के पुत्र वैवस्वत मनु महाराज द्वारा अयोध्या की स्थापना करी गई थी, 
सप्तपुरियों में से एक अयोध्या जिसे अथर्ववेद में परमेश्वर का नगर बताया गया है और इसकी संपन्नता की तुलना स्वर्ग से की गई है,  
स्कंदपुराण के अनुसार अयोध्या शब्द 'अ' कार ब्रह्मा, 'य' कार विष्णु है तथा 'ध' कार रुद्र का स्वरूप है,अयोध्या की गणना भारत की प्राचीन सप्तपुरियों से लेकर आज तक प्रथम स्थान पर की गई है,
राजा दशरथ की नगरी यानी अयोध्या यह स्थान है, रामदूत हनुमान के आराध्य प्रभु श्रीराम का जन्म स्थान है अयोध्या, 

प्रभु श्री राम का जन्म कब हुआ ?

शोधानुसार भगवान राम का जन्म 5114 ईस्वी पूर्व हुआ था, जब त्रेता युग चल रहा था, (प्लेनेटेरियम गोल्ड सॉफ्टवेयर का  प्रयोग करके श्री राम का जन्म 10 जनवरी 5114 ईस्वी पूर्व हुआ था वह सिद्ध  है ) चैत्र मास की नवमी को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है और इसके पर्याप्त प्रमाण हैं,
भगवान श्रीराम के बाद पुत्र लव ने श्रावस्ती बसाई और श्रीराम के दूसरे पुत्र कुश ने एक बार फिर अयोध्या का पुनर्निर्माण किया था,  इसके बाद सूर्यवंश की 44 पीढ़ियों तक इसका अस्तित्व कायम रहा, और द्वापरकालीन महाभारत तक के उल्लेख मिलते हैं, कहा जाता है हिन्दू प्रथा अनुसार तब भगवान् के  मंदिर अवश्य बनाये  जाते थे, 

महाभार युद्ध के बाद अयोध्या वीरान हो गई बावजूद भी श्रीराम जन्मभूमि का अस्तित्व सुरक्षित था,

मध्यकाल में अयोद्धया के हाल-बृहद्रथ के कई काल बाद मगध के मौर्यों से लेकर गुप्तों और कन्नौज के शासकों के अधीन रहा, अंत में यहां महमूद गजनी के भांजे सैयद सालार ने तुर्क शासन की स्थापना की वो बहराइच में ई.1033  में मारा गया था
विशेषरूप से शक शासक महमूद शाह के शासन काल ई.1440. बाद में  तैमूर के पश्चात जब जौनपुर में शकों का राज्य स्थापित हुआ तो अयोध्या शर्कियों के अधीन हो गया,
ई.1526  के बाद में राम मंदिर समस्या शुरू हुई
 इतिहासकारों के मतानुसार जहीर उद-दीन मोहम्मद बाबर पानीपत के पहले युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराकर भारत आया था, उसके कहने पर एक सूबेदार मीर बाकी ने ई.1528 में अयोध्या में मस्जिद बनाई, इसे बाबरी मस्जिद नाम दिया गया,
बाबर ने हिंदुस्तान में मुग़ल सल्तनत की स्थापना करी, जो क्रूर साशक था,सनातन हिन्दू संस्कृति को मिटाना चाहता था,कई हिंदुओंके धर्म परिवर्तन भि करवाए,
उसके सेनापति ने 1528 में आक्रमण करके मस्जिद का निर्माण करवाया


 जब मंदिर तोड़ा जा रहा था तब जन्मभूमि मंदिर पर सिद्ध महात्मा श्यामनंदजी महाराज का अधिकार था, उस समय भीटी के राजा महताब सिंह बद्रीनारायण ने मंदिर को बचाने के लिए बाबर की सेना से युद्ध लड़ा,कई दिनों तक युद्ध चला और अंत में हजारों वीर सैनिक शहीद हो गए।
  हमे यह अवश्य जानना चाहिए की भारत पर मुग़ल हो या अंग्रेज सभी हमारे राष्ट्र में तभी राज कर पाए क्यूंकि भारत में जयचंद की तब भी  कमी रही, जैसे आज भी है जो राम मंदिर निर्माण में रोडे डालने की भरपूर कोशिश  रहे, अगले भाग में 1528 से लेकर 5 ऑगस्ट-2020 तक की जानकारी देंगे ,
जय श्री राम
अगला भाग अवश्य पढ़े "अयोध्या राम मंदिर ई.स 1528 से ऑगस्ट 05-2020 तक "
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