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भारतीय पत्रकार Rajiv Sharma ने की देश के साथ बड़ी गद्दारी

भारतीय पत्रकारिता को कलंकित करनेवाला कार्य एक भारतीय  पत्रकार ने किया,राजीव शर्मा पिछले 40 वर्ष से पत्रकारिता करते रहे है,मगर कहते है ना की बुरे कर्म एक दिन तो उजागर होते ही है, आज उनका पाप छप्पर फाड़ कर बहार निकला है.राजीव शर्मा कुछ रुपियों के लालच में अपने देश से धोखा  करते हुए दुश्मन देश चीन को भारत के गोपनीय दस्तावेज पहुंचनेका कार्य कर रहे थे और भारत की आंतरिक सुरक्षा में छेद करने में लगे हुए थे,



राजीव शर्मा शुरुआत से ही हिंदुत्व, भाजपा, RSS और मोदी के कट्टर विरोधी रहे है,वह 2010 से फ्रीलांस पत्रकारिता कर रहे थे और चाइनीस कम्युनिस्ट पार्टी के मुख पत्र ग्लोबल टाइम्स के लिए लिखा करते थे, और हमारे देश की गुप्त  जानकारी चीन तक पहुंचाने के लिए इस गद्दार पत्रकार को पेमेंट हवाला रूट के द्वारा मिल जाता था,

पत्रकार राजीव शर्मा के संपर्क में रही चीनी महिला जासूस किंग शी भी पकड़ी गई है, उसने एक चीनी स्टूडेंट बनकर भारत मे डेरा डाल रखा था और जामिया मिलिया इस्लामिया में एडमिशन लिया और भारत में रहकर ऐसे लोगों को खोजने में लग गई जिनकी पहुंच गोपनीय और महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक हो,जिससे वह उन लोगों को अपने उद्देश्य की पूर्ति हेतु इस्तेमाल कर सके,इसीलिए उसने राजीव को चुना ,क्यूंकि  उसने देखा की राजीव हिन्दू और बीजेपी का कट्टर विरोधी है जो उसके काम आ सकता है,पत्रकार राजीव् ने पैसो के लिए अपने देश से गद्दारी करना स्वीकार लिया,

राजीव सुरक्षा दस्तावेजों के साथ साथ भारत चीन बॉर्डर की भी छोटी छोटी माहिती तक पहुंचता था,चीन आज कल भारत के सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री तक सभी की जासूसी करता है,और ऐसे गद्दारो के वजह से उनकी मैली मुराद भी पूरी होती है, 

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राजीव का चीनी लोगोसे सम्पर्क होने में एहम रास्ता लिंक्डन नामक सोश्यल मिडिया कारण बना था,जिससे चीनी पिप्पलस का अख़बार ग्लोबल से उसका संपर्क बना उन्होंने उसे उनके लिए लिखने का काम सौंप कर जासूसी का काम सौंपा और साथ में चीनी महिला जासूस से सम्पर्क होने से उसका काम आसान होने लगा ,

सवाल यह भी है की सरकार को उन सरकारी बाबुओ को भी जल्द ही पकड़ना चाहिए जो इस पत्रकार को वह गोपनीय दस्तावेज दिखते और सौंपते थे,बिना किसीने उसकी मदद करे सरकारी दस्तावेज इस गद्दार पत्रकार के पास कहा से पहुँचते थे ?

इन दोनों के साथ में आज तीसरा एक नेपाली नागरिक शेर सिंह भी पकड़ा गया है जो पत्रकार राजीव शर्मा की तरह वामपंथी विचारधारा रखने वाला था,ऐसे लोगो की वजह से ही आज भारत नेपाल सम्बन्धो में खराबी आयी है, भारत के विरुद्ध वामपंथी मानसिकता के प्रभाव में आकर उसे हानि पहुंचाने में लगे हुए हैं।

संवादाता टिप्पणी - दो विदेशी पकडे गए उसका दुःख नहीं मगर सभी भारतीय आज पत्रकार राजीव शर्मा के कारण सभी वाम पंथी पत्रकारों को घृणा की नजरो से देख सकते है, वामपंथी विचार धारा के चलते ही भारत में नक्सलवाद उभर आया है,जिसके चलते कुछ महीने पहले शहरी बुद्धिजीवियो को पकड़ा गया है,यह ज्यादातर हमे JNU में पनपते हुए नजर भी आते है,जो नक्सलवादियों द्वारा 75 पुलिस कर्मी को मार डालने पर जश्न  मानते है,सरकार को कड़े कदम उठाकर ऐसे लोगो को पकड़ना होगा और वह सरकारी अधिकारी जो ऐसे पत्रकारों से सम्बन्ध रखते है उस पर भी नजर रखनी होंगी,



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