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Rajy Sbha deputy chairman पर हमला करने वाले बुद्धिष्ट थे की गुंडे ?

राज्य सभा में 20 सेप्टेम्बर 2020 को जो उपसभापति सामने करा जिस तरह के दृश्य देखने को मिले उसे देखकर कौन कहेगा की यह लोग बुद्धिजीवी है की गुंडे,या आतंकवादी ? क्या यही संस्कार देना चाहते है यह नेता, ठीक है विरोध करना विपक्ष का अधिकार होता है, आप हंगामा करो अपनी सीट पर बैठकर बैठ कर, मगर डेप्युटी चेयरमेन पर हमला करना यह कोई बुध्दिजीवी नहीं गुंडे ही कर सकते है, सवाल यही है की Rajy Sbha  deputy chairman पर हमला करने वाले बुद्धिष्ट थे की गुंडे  ?



rajya sabha hngama
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क्या हुआ राज्य सभा में ?

राज्य सभा में किसान बिल पर बहस खतम होते ही जब बिल पास करने की प्रक्रिया शुरू करी तब विपक्ष खास कर कांग्रेस और  TMC,AAP और दूसरे विपक्ष के राज्य सभा उम्मीदवार लॉबी में घुस जाते है, हंगामा करते है, डेप्युटी चेयरमेनपर हमला करते है, टेबल पर से  राजयसभा नियम बुक उठाकर डेप्युटी चेयरमेन के ऊपर फाड़कर फैका जाता है,माइक तोडा जाता है, दूसरे पेपर फाड़े जाते है, बॉडीगार्ड से भी धक्के मरे जाते है, वीडियो देखकर साफ़ दिखाई पड़ता है की अगर बॉडीगार्ड ना होते तो शायद ये गुंडे जिसे सांसद कहते है वह शायद deputy chairman  के साथ हाथापाई कर देते, निचे दी लिंक पर क्लिक करे 

देखे कैसे हमला करा राज्य सभा के चेयर पर विपक्ष  ने 

कड़क और तीखी बात 

देश आज शर्मसार है इन नेताओ की वजह से, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से देश की जनता भी यही उम्मीद  करती है की इन गुनाहगारो को सिर्फ सात दिन नहीं हमेशा के लिए उनका सांसद का पद छीन लेना चाहिए,            वाकही एक कानून तैयार करे और राज्य सभा  में नेता नहीं सिर्फ और सिर्फ बुद्धिजीवी को ही आने की अनुमति मिले, पिछले 20 साल से हमेशा संसद सत्र देखते रहे है,                                                                                      मगर कभी भी इस तरह चेयर पर कभी अटैक नहीं हुआ, आज वाकही  देश  सवाल कर रहा है की यह बुद्धिजीवी है या गुंडे ? कांग्रेस को आयना देखना चाहिए क्या उन्होंने ऐसे ही बिल पास नही करे ? कीतनी बार बीजेपी वालो ने चेयर पर हमला करा ?

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किसानो के नाम पर कितनी गन्दी राजनीति करते हुए यह लोग देश की जनता जो टेक्स देती है उनके करोडो रुपियो का नुक्सान करते रहते है और जनता लाचार देखती रहती है,जबकि यह राज्य सभा में जनता तो भेजती नहीं सभी पार्टी बुद्धिजीवी के नाम पर अपने लोगो को भेजती रहती है, जो देश के लिए नहीं अपने और अपनी पार्टी के स्वार्थ के लिए राज्य सभा में जाते है, कुछ कहो तो कहेंगे जनता की सेवा करते है,ये सेवा है देश के पैसो का व्यय करना ?

इन लोगो को तन्खा,बंगलो,पेंशन इस तरह की नौटंकी करने के लिए मिलते है ? विपक्ष का काम हर बात में विरोध ही करना होता है ? 

एक तो चोरी उपरसे सीना चोरी, अब विपक्ष के 8  नेता को 7 दिन के लिए सस्पेंड करे तो वह कोर्ट में जाने की बात कर रहे है, शर्म हो तो पहले उन सभी को deputy chairman से देश के सामने माफ़ी मांगना चाहिए, सभी देशवासी इस घटना का कड़ा विरोध करे, जय हिन्द ,सत्यमेव जयते  

संवादाता -राजू पटेल 

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