Breaking News

Mahatma Gandhi की हत्या क्या Nathuram Godse ने ही करी थी या कोई और भी था ?

किताबी इतिहास ने हमें सिर्फ यही पढ़ाया एवं आज भी पढ़ाया जाता है की गांधी जी की हत्या नाथूराम गोडसे ने करी  थी, मगर क्या यही बात सही है क्या ? यह सवाल उठने के बिलये भी बहुत से कारण है,जिसके चलते हमें कहना पड़ता है की क्या गांधी जी की हत्या के यह दूसरे पन्ने पर आज बात करेंगे,Mahatma Gandhi  की हत्या क्या Nathuram Godse ने ही करी थी या कोई और भी था  ?
gandhi ji
 image loaded by https://www.financialexpress.com



यह एक एहम सवाल है की कांग्रेस या देश में वह कौन व्यक्ति था जो गांधी जी की मृत्यु जल्द ही चाहता था ?

क्या सही में नाथूराम गोडसे ने ही गांधी जी की हत्या करी थी ? या फिर किसी और की पिस्तौल की कारतूस से बापू की मौत हुई ? दूसरी बात कभी हमें कोई किताब ने नहीं पढ़ाई है,

मगर यह सही बात थी की जब गांधी जी की ह्त्या हुई तब वहा पुलिस उपस्थित थी या हम सभी ने गाँधी फिल्म या कोई तस्वीर में भी देखा है,मगर सवाल है की गांधी जी की हत्या के वखत वहा खड़े किसी भी पुलिस वाले ने FIR  दर्ज क्यों नहीं करवाई ?

क्यूंकि तथ्य यह कहते है की उस वक्त जहा गांधी जी को गोली मारी गयी वह स्थल बिरला मंदिर था,जहा उपस्थित एक भी पुलिस मेंन का कोई बयांन दर्ज नहीं है पूरी FIR में ? उससे उलट हुआ की फ़रियाद लिखवाने वाले व्यक्ति थे कनॉट पैलेस एरिया के एक होटल मालिक जिन्होंने तुग़लक़ रोड पुलिस स्टेशन में फ़रियाद लिखवाई थी, तो यहाँ सवाल यह खड़ा होता है की बिरला मंदिर में उपस्थित किसी भी पुलिस वाले ने बयान क्यों दर्ज नहीं करवाया ?  

गांधी जी को गोली लगते ही तुरंत मृत्यु हुई थी ?

 जी नहीं,नाथूराम गोडसे ने गांधी जी को गोली मारी तुरंत ही गांधी जी की मृत्यु नहीं हुई, सत्य यह भी है की गांधी जी को गोली खुले एरिया में मारी गई थी, उसके बाद गांधी जी बिरला हाउस के जो कमरे में रहते थे  वहा लाया गया और फर्श पर लेटाया गया, गोली लगने के बाद 40 मिनट तक गाँधी जी की साँसे चल रही थी, यहाँ उन्होंने एक ग्लास पानी माँगा तो पानी भी पिलाया गया,

अब सवाल यह खड़ा होता है की 

गोली लगने के बाद घायल हुए गांधी जी को उनके कमरे की बजाय हॉस्पिटल क्यों नहीं ले गए ? जबकि घटना स्थल से केवल और केवल 10 मिनट की दुरी पर विलिंग्डन हॉस्पिटल था ( आज लोहिया हॉस्पिटल ) जबकि वहा बहोत से लोग थे पुलिस भी थी? कौन था जो चाहता था की गाँधी जी मर जाए तो अच्छा ? और इसीलिए हॉस्पिटल की जगह बिरला मंदिर को चुना ?

एहम बात करे तो कोर्ट में जो चार्जसीट फ़ाइल हुई थी उसमे लिखा गया था की गांधी जी की हत्या के वक्त 3 कारतूस चली है,                                                                                                                                          और तो और गांधी जी की हत्या के वक्त  गांधी जी को जो कारतूस लगी थी उसे नाथूराम गोडसे के हाथ में जो पिस्तौल थी उस से मैच क्यों नहीं करा गया  ?                                                                                              यहाँ तक की गोडसे का कहना था की उन्होंने दो (2 ) कारतूस चलाई थी, तो चार्जसीट में 3 गोली कैसे लिखी? 

सवाल यही है की तीसरी गोली किसने चलाई? 

घटना स्थल पर मौजूद 'ध  हिन्दू न्यूज़' और 'न्यूऑर्क टाइम्स' के पत्रकार मौजूद थे, उन्होंने रिपोर्ट में लिखा की घटना के वक्त चार (4 ) गोली चली थी, तो सवाल यह खड़ा होता है की दो एक्स्ट्रा गोली किसने चलाई ?            गांधी जी की बॉडी का पोस्टमॉर्टम क्यों नहीं करवाया गया ? ह्त्या में मरने वाले का अक्सर पोस्टमॉर्टम किया जाता था,तो गांधी जी का क्यों नहीं ?                                                                                                            चार्जसीट के मुताबित नाथूराम गोडसे ने इस्तेमाल करी पिस्तौल की बात करे तो वह इटालियन रिवॉल्वर  था जो उस वक्त सिर्फ और सिर्फ ब्रिटिश सोल्जर्स के पास ही रहता था, तो वह गोडसे के पास कहा से आया ?                कुछ दिन पहले यानी 20 जनवरी 1948 को उसी जगह गांधी जी को बम से उड़ाने की कोशिश हुई थी, उसमे चार लोग गिरफ्त में लिए गए एक मदनलाल पाहवा, गोडसे और दो लोग,                                                            तुरंत मदन लाल को जमानत ( बैल ) मिल जाती है, आजतक पता नहीं चला की मदनलाल कहा है ?          मोरारजी देसाई ने माउंटबेटन को खत लिखा की जब मदनलाल ने स्वीकार किया था और स्टेटमेंट लिखवाया था की उनके मार्गदर्शक गोडसे थे तो उनकी गिरफ्तारी  क्यों नहीं करी गई? माउंटबेटन ने लीखा की उन्हें जरुरत नहीं लगती, यह बहोत ही सोचने वाली बात नहीं है ?माउंटबेटन के रिश्ते किसके साथ अच्छे थे वह सब जानते है,  

सबसे बड़ी बात 

गांधी जी प्रार्थना  के लिए निकले यानी की घटना के वक्त गाँधी जी का एक हाथ मनु (लड़की ) और दुसरा हाथ आभा (लड़की ) पर रख्खा था,दोनों लड़किया आई विटनेस थी, वही दो तो साफ़ कह सकती थी की कितनी गोली चली गांधी जी पर, आगे से चली साथ में पीछे से भी किसीने कारतूस का उपयोग करा ? कोर्ट में दोनों लड़कियों को  विटनेस क्यों नहीं बनाया ? ना तो उनसे कोई स्टेटमेंट लिया गया है ? कौन चाहता था की गांधी जी जल्द ही मरे और राज कभी ना उगले ?

गोडसे ने गोली चलाया उसमे कोई दो राय नहीं, लेकिन कितनी गोली चली  तीन या चार ? महात्मा गांधी की जान किस की कारतूस ने ली गोडसे या किसी और की ?  

आप लोग क्या कहते है सच सामने आना चाहिए या नहीं ? 

वह कौन था जो चाहता था की गांधी जी की मृत्यु जल्द ही हो ?                                                                            यह सब जनता के सामने आना जरुरी है, यह लेख लिख कर में गोडसे को निर्दोष साबित नहीं करना चाहता क्योंकि उन्होंने गुनाह किया था वह सच है, मगर सही सच लगता है  जानबूझकर दफ़न कर दिया है उसे उजागर करना चाहिए, जय हिन्द 

 Note - डॉक्टर सुब्रमणियम स्वामी ने दिए इंटरव्यू पर आधारित,इस ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे जिस से हकीकत सभी देश वासी तक पहुंचे,और भी अधिक ब्लॉग  के लिए निचे दिए गए लिंक पढ़े

संवादाता - राजू पटेल 

कोई टिप्पणी नहीं

आपको किसी बात की आशंका है तो कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखे