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नवरात्री 2020 महत्व -कैसे और क्यों मानते है ?

हिन्दू सनातन धर्म में नवरात्री का विशेष महत्व है, नवरात्रि का पावन पवित्र त्योहार 17 अक्तूबर से यानी कुछ दिनों में ही शुरू हो जाएगा,इस पर्व को श्रध्ध्दालु नौ दिनों तक उत्सव के रूप में मानते हुए मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते है,

nav durga
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नव रात्रि का उत्सव 

मां दुर्गा जिसे  शक्ति की देवी कहा जाता है, पुराणों के अनुसार महिसासुर जैसे बड़े बड़े असुरो का वध भगवान् खुद नहीं कर सकते थे तब माँ शक्ति माँ दुर्गा अलग अलग रूप में प्रकट हुए और उन असुरो का संहार किया था, इसलिए इसे शक्ति की उपासना का पर्व की कहा जाता है, या यु कहे की  बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव,

माँ दुर्गा के भक्त  नवरात्र में नौ दिनों के व्रत करते हैं,कई लोग नौ दिन तक उपवास करते है,जैसे की हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इन नौ दिन सिर्फ निम्बू पानी लेकर व्रत करते है, कहा जाता है कि नवरात्र के व्रत रखने वालों को मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और उनके सभी संकट दूर हो जाते हैं, 

कैसे मानते है नवरात्री महोत्सव ?

व्रत उपवास के साथ साथ रात होते ही भक्त गण गांव और शेरी (सोसाइटी,गांव की गली ) में चुराहे या मैदान में या मंदिर के प्रांगण में इकठ्ठे  होते है,माता जी का दिप  जलाते है,कही जगह दिप रंग-रोगान  मिटटी  के बर्तन मे भी रखे जाते है, फिर सभी भक्त माता जी की आरती और स्तुति करते है, और रास खेलते है, 

पहले नवरात्री में सिर्फ महिलाए खेलती थी क्यूंकि थी महिला (देवी) जीवन चक्र के केंद्र में है, महिला से ही नया जीवन उत्पन्न होता है, गोलाकार (राउंड) का कोई अंत नहीं है, और इसलिए गरबा हमेशा एक सर्कल में किया जाता है ताकि जीवन शुरू होता है, समाप्त होता है और पुनर्जन्म भी देखता है, गरबा में दीप  देवी का प्रतिक है जो अंधकार को दूर भगाती हैं और उन नौ रातों में आपमें यानी भक्तो में  फिर से ऊर्जा भर देती हैं,मगर धीरे धीरे इसमें पुरुष भी रास खेलने लगे, ख़ास कर गुजरात में नवरात्रि भव्य तरीके से मनाई जाती है,

नौ दिन की नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरुप की आराधना होती है, जैसे की शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा,कूष्माण्डा,स्कंदमाता,कात्यायनी,कालरात्रि,महागौरी और सिद्धिदात्री, अष्टमी के दिन होम हवंन भी  होते है, और दशहरा के दिन माता को विदाय देते है,हालांकि गुजरात में आज कल पूर्णिमा तक लोग रास खेलते है,

कहा  जाता है नौरात्रि के दौरान माँ दुर्गा की आराधना सच्चे मन से करने से माँ दुर्गा अवश्य आप पर प्रसन्न होते है अउ आपके कष्ट को दूर करते है, इसीलिए तो विश्व में जहा जहा गुजरती बसे है वहा वहा नवरात्री का उत्सव भव्य तरीके से मनाया जाता है,और विदेशी प्रवासी भी उन दिनों में गुजरात में नवरात्री देखने के लिए आते है,आप भी माँ दुर्गा की आराधना करे और कोरोना से बचते हुए नवरात्री खेले ऐसी शुभ कामनाए 

माँ दुर्गा के नौ स्वरुप के बारे में ज्यादा जानकारी पाने के लिए महारष्ट्र जागरण को अवश्य सब्स्क्राइब करे, जय माताजी 

 


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