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NCRB Report 2019 देखे- बलात्कार पर संवेदना या राजनीति ?

घटना उत्तरप्रदेश के हाथरस की है जहा एक लड़की पर गैंगरेप हुआ, मगलवार को पीड़िता ने दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया, मगर उत्तर प्रदेश पुलिस ने लड़की के परिजनों की इच्छा विरुध्ध आधी रात को  लड़की की बॉडी का अंतिम संस्कार कर दिया,जिसे लेकर देश भर से लोगो का गुस्सा UP पुलिस के विरुद्ध फूटा, और सभी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त भी करी ,

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मृतक के लिए संवेदना के बदले गन्दी राजनीती 

पुलिस को लग रहा था की इस मामले में गन्दी राजनीती होंगी इसीलिए हाथरस में धरा 144 लागु करी,यहाँ तक मिडिया को भी गांव में आने जाने पर प्रतिबन्ध लगाया जिसे लेकर काफी हंगामा मचा है, मगर सवाल यह है की क्या यह हंगामा कितना जायज है ?

पहले कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी-प्रियंका गांधी की गन्दी राजनीती, फिर समाज वादी पार्टी और आम आदमी पार्टी, ममता बनर्जी की TMC के लोग हुजूम लेकर पीड़िता के घर जाने लगे, कांग्रेस के लोगोने दिल्ही में वाल्मीकि समाज का कार्ड खेलकर शोक सभा भी करी, अरविन्द केजरीवाल भी जंतरमंतर पर आ गए, मुंबई से शिवसेना नेता भी नेता गिरी चमकाने निकल पड़े उत्तरप्रदेश के मामले में,

इसकी मुख्य वजह सिर्फ और सिर्फ एक ही 

क्यूंकि अब बिहार चुनाव नजदीक है इसीलिए कैसे भी करके बीजेपी की छबि कैसे भी करके धूमिल करना चाहता है विपक्ष,

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विपक्ष पहले यह आयना जरूर देखे 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने 2019 के लिए भारत में अपराध (CII) रिपोर्ट जारी की । रिपोर्ट बताती है कि देश में औसतन हर दिन बलात्कार की 88 घटनाएं हुईं,                                                                                                  रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर (अपराध दर की गणना प्रति एक लाख की जनसंख्या पर अपराध के रूप में की जाती है) 2018 में 58.8 से बढ़कर 2019 में 62.4 हो गई, बलात्कार की 32,033 घटनाएं हुईं, जिसमें 32,260 पीड़िताएं, और 15.33% महिलाएं थीं, पीड़ित 18 साल से कम उम्र की लड़कियां थीं,और वर्ष दरम्यान 286 महिलाओं की बलात्कार या सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई।

अलग अलग राज्य का आंकड़ा 

राज्यों में बलात्कार की अपराध दर राजस्थान में सबसे अधिक थी, जहां 2019 के दौरान बलात्कार की 5,997 घटनाएं दर्ज की गईं, दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश (3,065 घटनाएं) थीं, मध्य प्रदेश (2,485 घटनाएं), महाराष्ट्र (2,299 घटनाएं), और केरल (2,023 मामले),दिल्ही में 1,253 बलात्कार 

संवादाता टिप्पणी 

अब यह देख कर नहीं लगता की जो लोग एक दुसरो पर दोषारोपण कर रहे है उन्हें यह देखने की ज़रूरत नहीं होती की सभी नेता आयना देखे और महिला अपराध कैसे ख़त्म हो उसपर विचारणा नहीं कर सकते ?

क्या सभी लोग मिलकर कडा कानून नहीं बना सकते बजाय गन्दी राजनीती और फोटो शूट के, जो भी नेता सड़क पर उतरे है उसका एक ही एहम कारण दीखता है बिहार चुनाव, 

संवादाता - राजू पटेल 


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