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परमबीर सिंह पुलिस कमिशनर है की राजनेता-प्रदीप भंडारी को क्यों पकड़ा ?

महाराष्ट्र और उसमे भी मुंबई में क्या हो रहा है, मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और महाराष्ट्र सरकार पागल हो चुकी है या खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने पर तुले है? परमबीर सिंह पुलिस कमिशनर है की राजनेता-प्रदीप भंडारी को क्यों पकड़ा ?

pradip bhandari vs parambir  sing
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 परमबीर सिंह पुलिस कमिशनर है की राजनेता-प्रदीप भंडारी को क्यों पकड़ा ?

एक पत्रकार को समन के नाम कस्टोडियन पूछताछ क्यों ? क्यों रिपब्लिकन भारत के रिपोर्टर प्रदीप भंडारी को पूछताछ के लिए बुलाकर एक कमरे में बिठा देते है, ना पानी देते है ना पत्रकार को अपनी माँ से बात करने देते है, क्यों ? आपात्तकाल घोषित किया है महाराष्ट्र मुंबई में ?

इतनी तत्परता मुंबई पुलिस ने सुशांत और दिशा सालियान केस में क्यों नहीं दिखाई ? क्यों किसीके फोन जप्त नहीं करे ? रिया चक्रवर्ती को गोद में बिठाकर क्यों गुमे ? जनता भी ऐसे सवाल करती है अब तो,

एक पत्रकार जिसे मुंबई पुलिस समन्स भेजती है जब वह सामने से जवाब देने जाता तो उन्हें बंद कर देते है,प्रदीप भंडारी का कहना है की पुलिस ने मारपीट करने की कोशिश करीवह पत्रकार है कोई आतंकवादी तो नहीं है ? कोई गुंडा बदमाश या किसीकी ह्त्या करके तो फरार नहीं हुआ था ?

read this>>> मुंबई पुलिस कमिशनर Param Bir Singh का जूठ Arnab Goswami ने किया पर्दा फास ?

पत्रकारों का कोई संगठन है की नहीं ? क्यों सभी इकठ्ठा होकर परमबीर सिंह के खिलाफ हल्लाबोल नहीं कर सकते?

अर्नब गोस्वामी ने करा पर्दा फास 

यही पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने कुछ दिन पहले प्रेसकॉन्फरन्स बुलाई BARC का नाम लेकर और TRP  केस का जूठा आरोप रिपब्लिकन भारत न्यूज़ चैनल पर करा और उलटे मुँह की खानी पड़ी, आज वह BARC ने खुद मेईल कर के कहा की रिपब्लिकन भारत खिलाफ कोई साबुत नहीं, नाही उन्होंने कोई कम्प्लेन करी, कमिश्नर पद पर बैठकर ऐसे जूठा बोलकर पद की गरिमा को कलंकित करा परमबीर सिंह  ने,

महाराष्ट्र सरकार के पास भी लगता है की कोई और काम नहीं बचा जो वह एक न्यूज़ चैनल के पीछे पड़ गए है ? इतना  ध्यान तो सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने में लगाया होता जितना अर्नब गोस्वामी और उनकी चैनल पर लगाया होता तो शायद संक्रमण कम हो जाता और सभी धार्मिक स्थल भी खुल गए होते,

कड़क और तीखी बात 

पुलिस और सरकार का काम लोगो की भावना को ठेस पहुँचाना नहीं होता,और परमबीर सिंह को यह याद रखना चाहिए की वह आज कमिश्नर पद पर हो कल नहीं रहेंगे ना तो सरकार कायम रहेंगी,

अब जनता भी पूछती है मुंबई पुलिस कमिशनर परमबीर सिंह से की आपने कितने करोड़ रुपये लिए थे अर्नब गोस्वामी के खिलाफ प्रेसकॉन्फरेन्स कर के जूठ फैलाने के लिए ?

एक आईपीएस अधिकारी सरकार की कठपुतली किसे बन सकता है ?                                                                

जनता यह भी पूछती है परमबीर सिंह कांग्रेस सरकार की कठपुतली है तभी परम बीत सींग जब साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को बिना प्रूफ जैल में बंद कर यातना दी,और अब वही पुलिस वाला कांग्रेस शिवसेना सेशन में एक न्यूज़ चैनल के खिलाफ षड़यंत्र कर रह है ?

संवादाता -राजू पटेल 

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