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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मोदी सरकार की कैबिनेट ने दी मंजूरी-22810 करोड़ रुपये होंगे खर्च

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है.इस योजना के चलते कर्मचारी और रोजगार देने वाले दोनों को ही प्रोत्साहन मिलेगा. योजना 1 अक्टूबर 2020 को लागू माना जाएगा और यह योजना 30 जून 2021 तक रहेगी.

देश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 के तहत आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था.जिससे 30/12/2020 बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना पर माहोर मार दी है, स्कीम को 1 अक्टूबर 2020 को लागू माना जाएगा और यह योजना 30 जून 2021 तक रहेगी. इसके लिए सरकार 22,810 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी. 

श्रम राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने बुधवार को इस फैसले की जानकारी दी थी. कोविड-19 महामारी के दौरान रो
जगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना शुरू की गई है. 

योजना के तहत अगर EPFO -रजिस्टर्ड प्रतिष्ठान ऐसे नए कर्मचारियों को लेते हैं जो पहले PF के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे या फिर नौकरी खो चुके हैं, तो यह योजना उनके कर्मचारियों को लाभ देगी. 

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की प्रमुख बातें 

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत लाभार्थी नए कर्मचारी होंगे, 15000 रुपये से कम मासिक वेतन पर ईपीएफओ-पंजीकृत प्रतिष्ठान में रोजगार पाने वाला कोई भी नया कर्मचारी, 15000 रुपये से कम का मासिक वेतन पाने वाले ईपीएफ सदस्य जिन्होंने 1/3/20 से 30/9/20 तक कोविड महामारी के दौरान रोजगार गंवाया और 1/10/20 से या उसके बाद कार्यरत है, योजना के तहत नई नियुक्तियां करने वाले एंप्लॉयर्स को सब्सिडी दी जाएगी. सब्सिडी इंप्लॉइज और इंप्लॉयर्स द्वारा दो साल के लिए किए गए भविष्य निधि योगदान यानी पीएफ को कवर करने के लिए होगी. 

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का पैमाना 

केंद्र सरकार निम्नलिखित पैमाने पर 01/10/20 या उसके बाद लगे नए पात्र कर्मचारियों के संबंध में दो साल के लिए सब्सिडी प्रदान करेगी , 1000 कर्मचारियों को रोजगार देने वाले प्रतिष्ठान, कर्मचारी का योगदान एवं  नियोक्ता का योगदान कुल वेतन का 24% प्रतिशत, 1000 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले प्रतिष्ठान, केवल कर्मचारी के EPF का अंशदान वेतन का 12% प्रतिशत, और तो और कुछ अन्य पात्रता मानदंडों को भी इसमें पूरा करना होगा, केंद्र सरकार नए योग्य कर्मचारियों के संबंध में दो साल के लिए सब्सिडी प्रदान करेगी. 

करीब 58.5 लाख कर्मचारियों को इस योजना का फायदा मिलेगा. मार्च 2020 से अगले साल तक जो लोग नौकरी पर लग रहे हैं, इनका EPF अंशदान सरकार की ओर से दिया जाएगा. 




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