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उर्मिला मातोंडकर कांग्रेस के 20 लाख रुपये सीएम के राहत कोष में दान कर के बने थे दानेश्वरी- इसे कहते है नेता

महाराष्ट्र की जनता और मुख्यमंत्री खुश हुए थे और वह वही करि गयी थी जब पता चला की महाराष्ट्र की मुलगी फ़िल्म हीरोइन और नेत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख रुपियो का दान दिया,मगर जब सच उजागर हुआ तो लोगो ने कहा कॉग्रेस में चंद दिन रही उसीका असर आ गया,
URMILA MARTONDKAR
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दर असल 2019 लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र कांग्रेस से प्राप्त 50 लाख रुपये की धनराशि पूरी तरह से खर्च नहीं हो पायी थी, जो कुछ बचा था उसमें से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उर्मिला मातोंडकर ने 20 लाख रुपये महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दिए हैं।

भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, उर्मिला मातोंडकर ने सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक की कांदिवली शाखा में चुनाव खर्च के लिए एक संयुक्त खाता खोला था। कांग्रेस महासचिव अशोक सुथराले संयुक्त खाताधारक थे।

चुनाव आयोग के मानदंडों के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार द्वार 70 लाख रुपये से ज्यादा खर्च नहीं कर सकता था,  महाराष्ट्र कांग्रेस ने अप्रैल 2019 में इस खाते में 50 लाख रुपये स्थानांतरित किए।

खाता विवरण के अनुसार, 2019 में चुनावी मौसम के दौरान लगभग 30 लाख रुपये का उपयोग किया गया था और जुलाई 2020 तक शेष राशि के रूप में 20.4 लाख रुपये अभी भी खाते में शेष थे। जुलाई में, उर्मिला मातोंडकर द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में एक ही खाते से 20 लाख रुपये का दान किया गया था।

फिर तो हुआ यूँ की मुख्यमंत्री और शिवसैनिक भी खुश हो गए, और उर्मिला को कांग्रेस पार्टी से रिस्ता तुड़वाकर शिवसेना में शामिल कर दिया, यहाँ तक की पुराने शिवसैनिक महिला कार्यकर्ता को नजरअंदाज करते हुए उर्मिला मार्तोंडकर का नाम MLC (राज्य विधान परिषद्) के लिए रख दिया, 

अब कांग्रेस अंदर से नाराज तो थी,जो आज नाराजगी उजागर हो गयी जब MPCC कोषाध्यक्ष सुरेश शेट्टी ने कहा की 

“चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को पैसा दिया जाता है वह पैसा पार्टी का है,यदि कोई भी पैसा बचा है उम्मीदवार के पास तो व्यहवार के अनुआर उसे पार्टी को लौटा दिया जाना चाहिए, इस मामले में भी ऐसा ही होना चाहिए था, 

हालांकि सुरेश शेट्टी की बात शतप्रतिशत सही है,तभी तो लोग मजे लेते हुए कहने लगे की दुसरो के पैसो से दान कर के दानेश्वरी कहलाना है तो उर्मिला मार्तोंडकर से ट्यूशन लो 

अब सच उजागर होने के बाद मज़बूरी थी तो उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि“यह दान एमपीवी के अध्यक्ष थोरात साब की अनुमति के साथ कोविद -19 कार्य के लिए लॉकडाउन के बीच में एमवीए सरकार की ओर से किया गया था। कुछ कुख्यात लोग कहानी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने इसका इस्तेमाल महामारी में महाराष्ट्र के लोगों के कल्याण के लिए किया है।

काश उर्मिला मार्तोंडकर यह बात दान देते समय बता ते तो जनता का दिल नहीं टूटता जो आज टुटा 

MPCC प्रमुख थोरात ने कहा, "एक चर्चा के दौरान उसने मुझे सूचित किया था कि उसने सीएम के कोष में राशि दान कर दी थी।"(दान करने के बाद और क्या करते थोरात साहेब )


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