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उत्तराखंड जोशीमठ ग्लेशियर टूटने से चमोली पावर प्रोजेक्ट डैम टूटा, गंगा किनारे से दूर रहने की अपील

उत्तराखंड जोशीमठ में बड़ा ग्लेश्यर टूटने की वजह से  चमोली में पावर प्रोजेक्ट डैम और ब्रिज टूटने की वजह से ऋषिगंगा एवं अलकनंदा नदी में प्रवाह बढ़ गया है। पावर प्रोजेक्ट में 150 मजदूर के बहने की आशंका, सीएम चमोली रवाना, अमित शाह ने भेजी SDRF-NDRF टीम और दूसरी मदद,

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तपोवन के पास एक बड़ा भारी ग्लेशियर टूटकर नदी में आ जाने से अलकनंदा नदी का जल स्तर काफी बढ़ जाने की संभावना है। इसे देखते हुए श्रीनगर गढ़वाल में स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे के लोगो को एतिहातन वहां से हटा दिया है एवं नदी के आसपास रेलवे पुल का निर्माण कार्य मे लगे श्रमिकों को भी नदी किनारे से हटा दिया गया है ।

वीडियो  >>> ग्लेश्यर टुटा बड़ा नुकसान होने की शंका 

साथ ही ऋषिकेश, हरिद्वार से लेकर अन्य मैदानी क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सूचना पर जिला प्रशासन आर्मी ,ndrf  और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। डैम टूटने से अलकनंदा नदी का जल प्रवाह अप्रत्याशित रूप से बढ़ने लगा। मैदानी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हालांकि अभी लापता लोगों की प्रशासन ने कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की।

 कर्णप्रयाग सहित अन्य स्थानों पर नदी तट खाली कराए जा रहे हैं। राहत की बात ये है कि चमोली शहर तक आते आते पानी कंट्रोल होने लगा है। सीएम चमोली के लिए रवाना हो गए हैं। साथ ही वे लोगों से धेर्य बनाए रखने और अफवाह न फैलाने की अपील कर रहे हैं। 
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 अमित शाह भी शाम को घटना स्थल पहुंचेंगे ,और केंद्र सरकार पूरी तरह राज्य सरकार को करेंगी वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि मदद से लिए दिल्ली से एयर लिफ्ट के जरिये एसडीआरएफ भेजी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र लगातार निगरानी रख रहा है। सारा भारत उत्तराखंड के साथ खड़ा है।

चमोली जिले में जोशीमठ से आगे नीति मार्ग पर निजी कंपनी का ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट है निर्माणाधीन है। यहां करीब 24 मेगावाट बिजली का उत्पादन होना है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से ग्लेशियर टूटकर इस डैम पर गिरा। इससे डैम का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और डैम का पानी तेजी से अलकनंदा नदी में जाने लगा है। नदी में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। करीब 15 मीटर चौड़ाई तक पानी तेज बहाव के साथ आगे बढ़ रहा है।

अलकनंदा नदी का प्रवाह बढ़ने से केंद्रीय जल आयोग ने अपनी सभी चौकियों पर अलर्ट जारी किया है। ऋषिकेश तथा हरिद्वार में 6 से 7 घंटे के भीतर इस पानी के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

सभी सम्बंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। NDRF की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गयी हैं। NDRF की कुछ और टीमें दिल्ली से Airlift करके उत्तराखंड भेजी जा रही हैं। हम वहाँ की स्थिति को निरंतर मॉनिटर कर रहे हैं।

सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि-अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं।




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