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बॉम्बे HC ने महाराष्ट्र महाविकास आघाडी सरकार को लताड़ा, कहा- आपको नहीं हमको शर्म आती है

बॉम्बे हाईकोर्ट की एक बेंच ने महामारी संबंधी बीमारियों, अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी और पीड़ितों के सामने आने वाली कठिनाइयों की याचिकाओं पर सुनवाई की। और महाविकास आघाडी सरकार को लताड़ते हुए कहा यह शर्म की बात है कि महाराष्ट्र कोरोना वायरस के रोगियों के लिए कुछ भी करने में सक्षम नहीं है।

bomboy high court
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मुंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को रेमेडिसविर की खरीद और कोविद -19 रोगियों के वितरण के प्रति अपने "असंवेदनशील रवैये" के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से किनारा कर रहे हैं। हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कोविद -19 रोगियों के इलाज के लिए वर्तमान में इस्तेमाल की जा रही एंटी-वायरल दवा की पृष्ठभूमि के खिलाफ यह कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

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जस्टिस एस बी शुक्रे और जस्टिस एस एम मोदक की पीठ ने इस बात पर नाराजगी जतायी कि 19 अप्रैल के उसके आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया, जिसमें राज्य सरकार को कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित नागपुर को उसी दिन रेमडेसिविर की 10,000 शीशियों की आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया था. अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस 'बुरे तथा दुष्ट समाज' का हिस्सा होना और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस रोगियों के लिए कुछ नहीं कर पाना शर्म की बात है.



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