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BMC ने कोविड वैक्सीन के लिए जारी किया था ग्लोबल टेंडर, किसी ने नहीं लगाई बोली

बीएमसी ने टीकों की खरीद के लिए सख्त शर्तें लगाई और वैक्सीन निर्माताओं के लिए 1 करोड़ वैक्सीन खुराक की डिलीवरी के लिए समय  सिमा पर्याप्त नहीं था। बृहन्मुंबई नगर निगम के हाथ सिर्फ निराशा ही लगी। 

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वेक्सिनेशन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए BMC ने बुधवार 12 मई 2021 को विदेशों में वैक्सीन निर्माताओं से एक करोड़ खुराक की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया था।वैक्सीन निर्माताओं द्वारा एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) जमा करने की अंतिम तिथि मंगलवार 18 मई 2021 थी,जो समाप्त हो गई ।  ऐसा करने वाला यह देश का पहला नगर निगम बन गया, लेकिन इसे किसी वैक्सीन निर्माता से एक भी बोली नहीं मिली।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीएमसी ने टीकों की खरीद के लिए सख्त शर्तें लगाई थीं। जैसे कि बोली लगाने वाले वैक्सीन निर्माता को वर्क ऑर्डर जारी होने की तारीख से 3 सप्ताह के भीतर खुराक देनी होगी। वैक्सीन निर्माताओं के लिए 1 करोड़ वैक्सीन खुराक की डिलीवरी के लिए इतना कम समय पर्याप्त नहीं था।

गौरतलब है कि अधिकांश वैश्विक कंपनियाँ टीकों की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं और मौजूदा ऑर्डर के पीछे भाग रही हैं। भले ही बीएमसी ने फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन जैसी कोविड वैक्सीन के विदेशी निर्माताओं के लिए अपना टेंडर खोल रखा था, लेकिन ऐसी सभी कंपनियों को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से पहले मंजूरी लेने होती है।

नगरीय निकाय ने वैक्सीन निर्माताओं के लिए यह शर्त भी रखी थी कि बीएमसी के पास ये सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उन्हें भंडारण सुविधाओं की व्यवस्था करनी होगी। ऐसी कठोर शर्तों, स्वीकृत कार्यों के लंबित होने, लचीलेपन की कमी और वितरण प्रक्रिया जटिल होने के कारण वैक्सीन निर्माताओं ने भी इस प्रस्ताव को लेकर खास रूचि नहीं दिखाई।

उल्लेखनीय है कि फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए बेहद कम तापमान की आवश्यकता होती है। फाइजर कोविड-19 वैक्सीन के भंडारण के लिए शून्य से 70 डिग्री सेल्सियस कम तापमान चाहिए होता है। भारत के ज्यादातर हिस्सों में कोल्ड चेन में सबसे कम शून्य से 25 डिग्री सेल्सियस नीचे तक के तापमान में टीके रखे जा सकते हैं। देश के कस्बों, गाँवों और सुदूर क्षेत्रों में इतने कम तापमान वाली कोल्ड स्टोरेज चेन नहीं हैं, ऐसे में वैक्सीन को वहाँ तक पहुँचाना बेहद कठिन होता है।

इसके अलावा बीएमसी टेंडर में यह भी शर्त रखी गई थी कि कंपनियों को कोई एडवांस भुगतान नहीं किया जाएगा और वैक्सीन की डिलीवरी में देरी होने पर उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

बता दें कि मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर के 13 मई 2021 को कहा था कि टीके के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करने वाले हम दुनिया के पहले नगर निगम हैं। उन्होंने बताया कि टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 18 मई है। वर्क ऑर्डर पूरा होने के बाद, उन्हें 3 सप्ताह से कम समय में टीके वितरित करने होंगे। इसके लिए आईसीएमआर (ICMR) और डीसीजीआई (DCGI) के दिशानिर्देशों को पूरा करना है।

अब जानता का यही कहना है की क्या BMC अधिकारियों को यह सब पता नहीं था या पता होने के बाद भी सिर्फ पब्लिसिटी के लिए टेंडर जारी करा था ? क्या इतना आसान होता और और आसान से वेक्सीन मिलती तो केंद्र सरकार ऑर्डर नहीं करती ,सब जानते है की वेक्सीन सम्हालने के लिए माइनस 70 तक टेम्प्रेचर वाली कोई सुविधा नहीं फिर क्यों इस तरह का टेंडर जारी करना चाहिए ? अब BMC वालो को महाराष्ट्र सरकार और ख़ास कर राहुल गांधी को सलाह देनी चाहिए की वेक्सीन पर राजनीती बंद करनी चाहिए,







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