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नरेन्द्र मोदीजी और योगी जी ने प्रोपेगंडा गेंग पर करि बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

उत्तरप्रदेश में चुनाव एते ही अब प्रोपगंडा गेंग और कुछ नेता द्वारा अफवाहे फैलाकर सामजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिशे शुरू हो चुकी है,मगर अब मोदी और योगी ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है,

                       राणा अयूब, मशकूर उस्मानी, सबा नकवी, शमा मोहम्मद और सलमान निजामी:                                                                           (तस्वीर साभार हिंदी ऑपइंडिया)  

योगी आदित्यनाथ ने प्रोपेगंडा गेंग पर FIR कर और नरेन्द्र मोदी सरकार ने इस गेंग को अफवाह फैलाने के लिए जो प्लेटफॉर्म का उपयोग होता रहा उस ट्वविटर का सुरक्षा कवच छीन कर सर्जिकल स्ट्राइक करि है,यानी अब ट्वीटर भी जवाबदारी से बच नहीं पायेगा,अब जुठ फैलने वाली पोस्ट बिना जांच करे प्रसारित करे तो खैर नहीं,जेल जाना होगा,

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थिर लोनी थाने में मोहम्मद जुबैर और ट्विटर के अलावा सलमान निजामी, राना अयूब, डॉक्टर शमा मोहम्मद,सबा नकवी और मशकूर अहमद के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। इन सभी ने हिन्दू-मुस्लिम दंगा भड़काने के आपराधिक षड्यंत्र के तहत फेक न्यूज़ फैलाया कि एक मुस्लिम बुजुर्ग को हिन्दुओं ने पीटा और जबरन ‘जय श्री राम’ कहलवाया। 

इन अपराधियो पर आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने उत्तरप्रदेश और पूरे देश में अचानक लोक शांति को अस्त-व्यस्त करने और धार्मिक समूहों में विभाजन के लिए संदेशों को प्रचारित-प्रसारित किया। FIR के अनुसार जो बयान ट्विटर पर प्रचारित किए गए, वो किसी व्यक्ति विशेष मात्र के नहीं थे बल्कि आपराधिक षड्यंत्र की ओर भी इशारा करती है। हिन्दुओं और मुस्लिमों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया गया। धार्मिक सौहार्द को अस्त-व्यस्त करने के लिए इन्हें बड़े पैमाने पर प्रचारित किया गया।

FIR में इसका जिक्र किया गया है कि किस तरह इस फेक न्यूज़ के फैलने से न सिर्फ तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक वर्ग विशेष के भीतर भय की भावना भर दी है। आरोपित मुख्यतः मुस्लिम मजहब के भीतर अपना प्रभाव रखते हैं। पुलिस की जाँच में पता चला कि आरोपित और पीड़ित पहले से परिचित थे। अब्दुल समद ने ताबीज देकर इसके सकारात्मक परिणाम का आश्वासन दिया था। ताबीज ने काम नहीं किया तो आरोपितों ने उसे पीट दिया। व्यक्तिगत विवाद की इस घटना में आरोपितों में हिन्दू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के लोग थे। मगर समाजवादी पार्टी के नेता ने हिन्दू मुस्लिम के बिच वैमनस्य पैदा करने के लिए झूठ का सहारा लिया और भगवान् राम को बीचमे शामिल करा, 

राना अयूब

राना अयूब खुद को पत्रकार बताती हैं और कई अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों के लिए लिखती भी हैं। उनके अधिकतर लेख भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने के इरादे से लिखे गए होते हैं। फ़िलहाल ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने उन्हें ग्लोबल एडिटर बना रखा है। Time, NYT, गार्डियन, FP और ‘द न्यूयॉर्कर’ जैसे मीडिया संस्थानों ने उन्हें लिखने के लिए जगह दी है। हाल ही में उन्होंने गंगा में लाशें बहने और कोरोना को लेकर दुनिया भर में भारत को बदनाम किया था।

हाल ही में कोविड-19 के लिए फंड्स इकट्ठा करने का दावा करने वाली राना अयूब को लेकर विवाद हुआ था, इस कैम्पेन में राना देश के FCRA कानूनों का उल्लंघन कर रही थीं। कोरोना के दौरान उन्होंने फेक न्यूज़ भी फैलाया था कि एक साढ़े चार वर्ष का प्रवासी बच्चा दूध न मिलने के कारण श्रमिक ट्रेन से रेलवे स्टेशन पर पहुँचने से पहले ही मर गया।

सबा नकवी

कई वर्षों तक भाजपा और RSS को कवर करती रहीं पत्रकार सबा नकवी In Good Faith (2012), Capital Conquest (2015), Shades of Saffron: From Vajpayee to Modi (2018) और Politics of Jugaad: the coalition handbook (2019) जैसी पुस्तकें लिख चुकी हैं। कुछ ही महीनों पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को उन्होंने अपनी पुस्तक गिफ्ट की थी। दोनों की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

सबा नकवी खुद को राजनीतिक विश्लेषक बताती हैं।Outlook पत्रिका की राजनीतिक संपादक रह चुकी हैं और विनोद मेहता के अंतर्गत काम करने का अनुभव है। देश-विदेश में कई अवॉर्ड्स मिलने का दावा करने वाली सबा नकवी आज भी टीवी डिबेट्स में बतौर कमेंटेटर बुलाई जाती हैं।  मगर भाजपा विरोधी बयान देती रहती है,

डॉक्टर शमा मोहम्मद

डॉक्टर शमा मोहम्मद कॉन्ग्रेस नेता हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बना रखा है। खास बात ये है कि ‘जय श्री राम’ को बदनाम करने के लिए झूठ को आगे बढ़ाने वाली शमा मोहम्मद खुद को राष्ट्रवादी और हिन्दू संस्कृति से जोड़ती हैं। प्रोफेशन से डेंटिस्ट डॉक्टर शमा मोहम्मद ‘ज़ोया चैरिटेबल ट्रस्ट‘ की ट्रस्टी भी हैं। 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मुस्लिमों से घृणा करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी हमेशा पाकिस्तान को भी धमकी देते हैं, क्योंकि वो एक मुस्लिम मुल्क है।

मशकूर अहमद उस्मानी

मशकूर अहमद उस्मानी दरभंगा से ताल्लुक रखने वाले कॉन्ग्रेस के नेता हैं,चुनाव लड़ चुके और हारे बह है, CAA और NRC के खिलाफ आंदोलन में उनका भी हाथ था। 2018 में उन्होंने पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी से मुलाकात कर उन्हें AMU में आमंत्रित किया था।

सलमान निजामी

सलमान निजामी भी कॉन्ग्रेस के नेता हैं, जो पार्टी के लिए डिबेट में हिस्सा लेते हैं और मीडिया में कॉलम भी लिखते हैं। ये भी खुद को गाँधीवादी कहते हैं। राजनीति में आने से पहले लगभग एक दशक तक वो मीडिया में ही सक्रिय थे। उन्होंने पीएम मोदी के माता-पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। दिसंबर 2017 में गुजरात चुनाव की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके बयान का जवाब दिया था। 

यह पांचो सहित कुल नौ लोगो पर योगी आदित्यनाथ सरकार की पुलिस ने FIR करि है,जिसमे ट्वीटर भी आ जाता है,अब यह झूठ फैलाना ट्वीटर को खूब भारी पड सकता है,भारत में पहली बार ट्वीटर पर FIR हो पायी,क्यूंकि मोदी सरकार का नया कानून लागू हो चुका है,

इसीलिए कहा जाता है की मोदी के साथ साथ योगी ने भी सर्जिकल स्ट्राइक करि,

जनता की उम्मीद है की यही झूठ फैलाने के आरोप में राहुल गांधी,असदुद्दीन ओवैसी पर भी  FIRक्यों नहीं हुई ?

उन न्यूज़ चेनल्स पर भी क्यों FIR ना हो जो ऐसे मुद्दों  डीबेट करते है, और झूठ फैलाने वालो को प्लेटफॉर्म देते है,


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