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राजस्थान : खाद की किल्लत से किसानों में हाहाकार, लगी लंबी-लंबी लाइनें-फर्टिलाइजर घोटाले में फँसे CM के भाई

राजस्थान में एक दशक के बाद आज फिर डीएपी खाद के लिए अन्नदाताओं को लम्बी-लम्बी कतारों में घंटों खड़ा होना पड़ रहा है। कॉन्ग्रेस सरकार ने डीएपी खाद आपूर्ति के लिए कोई प्रबंध नहीं किया है। किसानों की फसल नष्ट होने की कगार पर है।

                                                      तस्वीर साभार - ऑप इंडिया हिंदी 

पूरा राजस्थान वर्तमान में DAP खाद की भारी किल्लत के चलते कई किसानों ने अपनी फसल खराब होने का आरोप लगाया है। सवाई माधोपुर में खाद की किल्लत के चलते किसानों की लम्बी लाइनें पुलिस चौकी के आगे देखने को मिलीं। किसानों का यह जमावड़ा मित्रपुरा पुलिस चौकी के आगे लगा था। खाद लेने के लिए सड़कों पर खड़े किसानों के चलते आने – जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार किसानों ने DAP न मिलने पर रोष जताया है। बताया जा रहा है कि 16 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के सवाई माधोपुर में कई महिलाएँ गुस्से से पुलिस चौकी मित्रपुरा में घुस गईं। इसके चलते  सरकारी काम बाधित भी रहा। किसानों के अनुसार वर्तमान में फसल की बुवाई का अंतिम चरण में है। ऐसे में जिले में खाद आपूर्ति सुचारु रूप से न चलने के कारण उनकी खेती बाधित हो रही है। 

शुक्रवार 15 अक्टूबर 2021 को भी ऐसी ही अफरातफरी भाड़ौती में हुई थी जब खाद को पाने के लिए किसान बेकाबू हो गए थे। ऐसी ही सूचना शनिवार (16 अक्टूबर) को मित्रपुरा कस्बे में मिली थी जिसके बाद वहाँ किसानों का जमावड़ा लग गया था।

खाद के ट्रक मित्रपुरा पहुँचने के बाद आस पास के गाँवों से किसान परिवार की सैकड़ों महिलाएँ भी जमा हो गईं। कृषि पर्यवेक्षक महेश शर्मा के अनुसार मित्रपुरा और उदगाँव के किसानों के लिए 2 ट्रकों में खाद आई थी। बताया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ा। 

इस से पहले सवाई माधोपुर जिले में ही खाद की न मिलने पर राजस्थान खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश सह संयोजक कांजी मीणा के नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों ने भाडौती ग्राम सेवा सहकारी समिति पर विरोध प्रदर्शन किया था। 10 दिन पूर्व किए गए उस प्रदर्शन में खाद की उपलब्धता ठीक न होने पर राजस्थान सरकार के विरुद्ध आंदोलन की भी चेतावनी दी गई थी। 

धौलपुर में भी खाद के लिए किसानों को लम्बी लाईनों में लगे देखा गया। कतार तोड़ने वालों को पुलिस बार-बार टोकती रही

चूरू से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजेंद्र राठौर ने भी प्रदेश में खाद की किल्लत पर गहलोत सरकार को आड़े हाथों लिया। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता ने विरोध स्वरूप अपना वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने कहा है कि – ‘किसान विरोधी कॉन्ग्रेस सरकार! एक दशक के बाद आज फिर डीएपी खाद के लिए अन्नदाताओं को लम्बी-लम्बी कतारों में घंटों खड़ा होना पड़ रहा है। राजस्थान में कॉन्ग्रेस सरकार ने डीएपी खाद आपूर्ति के लिए कोई प्रबंध नहीं किया है। डीएपी की कमी के कारण किसानों की फसल नष्ट होने की कगार पर है।

यहाँ ये जानना जरूरी है कि 22 जुलाई 2020 को प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत के ठिकानों पर छापेमारी की थी। अग्रसेन गहलोत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई है। छापेमारी की वजह फर्टिलाइजर घोटाले में उनकी संलिप्तता बताई गई थी। भारतीय जनता पार्टी ने साल 2017 में ही अग्रसेन गहलोत पर फर्टिलाइजर घोटाले में शामिल होने के आरोप लगाए थे।

अग्रसेन की ‘अनुपम कृषि’ नाम की दुकान है, जहाँ वो 1980 से पहले से ही फर्टीलाइजर का व्यापार करते आ रहे हैं। इसी दुकान के ऊपर ही उनके भाई अशोक गहलोत का चुनावी कार्यालय है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन ‘स्मगलिंग सिंडिकेट’ में भी शामिल बताए गए थे।

राजस्थान कॉन्ग्रेस ने चुनाव से पहले किसानों की कर्जमाफी का भी वादा किया था। लेकिन सरकार बनने के बाद किसानों को कुर्की के नोटिस थमा दिए गए थे। राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना तो इस वादे से साफ़ मुकर गए थे। उन्होंने कहा था कि “हमने कोई वादा नहीं किया था कि सभी किसानों को लोन माफ करेंगे।” इसी के साथ सरकार का कहना था कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि सभी किसानों का लोन माफ कर सके।

और अब राजस्थान के कांग्रेस साशन में किसानो के लिए यह नयी मुसीबत आ पड़ी है 



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