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कैप्टन अमरिंदर की पाकिस्तानी दोस्त अरूसा आलम के ISI लिंक की होगी जाँच: पंजाब कांग्रेस की चन्नी सरकार का ऐलान

कैप्टन पिछले साढ़े चार साल से पाकिस्तान से ड्रोन आने के मुद्दे को उठाया और बाद में पंजाब में बीएसएफ को तैनात किया गया। इसलिए यह एक बड़ी साजिश लगती है जिसकी जाँच की जरूरत है।

                                              तस्वीर साभार : ऑपइंडिया हिन्दी 

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा कॉन्ग्रेस से किनारा करने और सियासी नोकझोंक के बाद अब पंजाब के गृह मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की पाकिस्तानी दोस्त अरूसा आलम की पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंधों की जाँच की माँग की है। मगर कांग्रेस को यह अक्कल तब आयी जब उन्होंने कांग्रेस छोड़ी। 

रंधावा ने एक साक्षात्कार बताया, “चूँकि कैप्टन का दावा है कि पंजाब को आईएसआई से खतरा है, इसलिए हम उनकी दोस्त अरूसा आलम के आईएसआई के साथ संबंधों की जाँच करेंगे।” आलम एक रक्षा पत्रकार हैं और उन्हें व्यापक रूप से कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी दोस्त माना जाता है।

रंधावा ने कहा कि उन्होंने पंजाब पुलिस प्रमुख से आलम के पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों और आईएसआई के साथ संबंधों के आरोपों की जाँच करने को कहा है।

इसके साथ ही रंधावा ने अमरिंदर सिंह पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जनवरी 2017 के मौर बम विस्फोट मामले की जाँच को रोक दिया था। उन्होंने उस जाँच को फिर से शुरू करने का वादा किया। उन्होंने कहा, “हम मामले की फिर से जाँच का आदेश देने के लिए तैयार हैं। 

गौरतलब है कि 2017 में हुआ वह धमाका कॉन्ग्रेस नेता हरमिंदर सिंह जस्सी की एक चुनावी सभा स्थल के पास हुआ था। घटना में दो जाँच के आदेश दिए गए थे, जिसमें डेरा सच्चा सौदा की संलिप्तता की ओर इशारा किया गया था। जस्सी की बेटी की शादी डेरा प्रमुख के बेटे से हुई है।

सिंह के खिलाफ वह हमला एक दिन बाद हुआ जब उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन करने की अपनी योजनाओं के बीच कॉन्ग्रेस पार्टी के दोहरेपन के लिए उसकी आलोचना की। सिंह ने यह कहते हुए कॉन्ग्रेस की खिंचाई की थी कि महाराष्ट्र में शिवसेना से हाथ मिलाने और नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई भाजपा नेताओं को पार्टी में शामिल करने के बाद अब उसके पास धर्मनिरपेक्षता पर दूसरों को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है।

कौन हैं अरूसा आलम?

अरूसा आलम पेशे से पाकिस्तानी रक्षा मामलों की पूर्व पत्रकार हैं और पाकिस्तानी सेना के तंत्र में अच्छी पकड़ रखती हैं। अरूसा, अकलीन अख्तर की बेटी हैं जो कि जनरल रानी के नाम से मशहूर हैं। एक ऐसी प्रभावशाली शख्सियत जिन्हें पाकिस्तानी मीडिया, पाकिस्तानी नेता याहया खान की ‘लवर और सोर्स ऑफ़ इंस्पिरेशन’  कहता था।अरूसा आलम को यह बना बनाया नेटवर्क अपनी माँ से विरासत में मिला।

अरूसा आलम को अगस्ता 90 बी सबमरीन समझौते से सम्बन्धित खोजी पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। इस रिपोर्ट की वजह से ही पाकिस्तानी नौसेना के मुखिया मनसुरुल हक़ को 1997 में गिरफ्तार किया गया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरह अरूसा आलम भी शादीशुदा थीं, उनके दो बेटे थे और उनके पति व्यक्तित्व के लिहाज़ से निष्क्रिय थे इसलिए लोगों को याद भी नहीं हैं। अरूसा के मन में भारत को लेकर अलग ही रोमांच था, उनका भारत आना-जाना लगा रहता था और इस दौरान यहाँ के लोगों से भी मिलती थीं।

अरूसा आलम की कैप्टन अमरिंदर सिंह से पहली मुलाक़ात उनके पाकिस्तान के दौरे पर हुई थी।

दोनों को 2007 से एक दूसरे से जोड़ा जाने लगा था जब वह कई बार साथ नज़र आए थे। हालाँकि, पाकिस्तानी पत्रकार ने तत्काल प्रभाव से स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा था वह ‘सिर्फ दोस्त’ हैं। पंजाब में अरूसा आलम को पटियाला के पूर्व महाराजा कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेहद ख़ास और करीबी दोस्त माना जाता है। चंडीगढ़ में बतौर मेहमान उनकी स्वीकार्यता उल्लेखनीय है, वह शहर के उच्च वर्ग के साथ योग और कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रति अपने लगाव के बहाने काफी समय बिताती हैं।

आलम फरवरी 2020 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जीवनी ‘द पीपल्स महाराजा’ के विमोचन के मौके पर भी मौजूद थीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि किताब में अरूसा के साथ सिंह के संबंधों पर एक समर्पित अध्याय है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उनकी दोस्ती खूबसूरत है और उन्हें इस पर गर्व है। फरवरी 2018 में चंडीगढ़ में उन्होंने कहा था, “मेरा रिश्ता मेरे घर पर भी एक संवेदनशील मसला है। मैं एक मुस्लिम महिला हूँ और आप जानते हैं कि हमारे घर पर लोग कैसे सोचते हैं।”

जनता कहने लगी है की कप्तान जबतक कांग्रेस में थे तब सोनिया या राहुल गांधी या  चन्नी जी ने इस  खिलाफ क्यों चुप्पी साधी थी ?


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